तीन-तलाक़ कानून सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक सकता- ओवैसी

तीन-तलाक़ कानून सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिक सकता- ओवैसी

तीन तलाक बिल पर सदन के ऐतिहासिक फैसले पर एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए हैं। एक निजी न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक बिल पास होना कोई ऐतिहासिक फैसला नहीं है।

आज तक पर छपी खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि ये बिल मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है और ये उनके साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक गुनाह है, लेकिन जो बिल पास हुआ है, उससे मुस्लिम महिलाओं की परेशानी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन तलाक का कानून एक क्लास ऑफ ग्रुप के लिए बनाया गया है। ये कानून सुप्रीम कोर्ट में टिकने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार पकड़कर मुस्लिम पति को जेल में डालेगी तो उससे सामाजिक कुप्रथा खत्म होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के मामलों के लिए 500 कोर्ट बनाए, लेकिन इसके बावजूद 9 प्रतिशत कन्विक्शन है। बीजेपी तीन तलाक बिल को ऐतिहासिक बताकर बस मुस्लिम महिलाओं के लिए घड़ियाली आंसू बहा रही है।

ओवैसी ने कहा कि बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं की इतनी फिक्र है तो उन्नाव में हिंदू रेप पीड़िता के मामले में क्यों चुप है। कभी मॉब लिंचिंग के नाम पर कभी गाय के नाम पर अब बीजेपी का एजेंडा सामने आ रहा है। ओवैसी ने कहा कि इस कानून से मजबूत घरेलू हिंसा (498A) और सेक्शन 125 जैसी धाराएं हैं। उन्होंने कहा ऑल इंडिया लॉ पर्सनल बोर्ड को इस गलत कानून को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करना चाहिए।

बता दें कि तीन तलाक बिल को लेकर संसद से ऐतिहासिक मंजूरी मिली है। लोकसभा के बाद तीन तलाक बिल राज्यसभा से भी पास हो गया है। मंगलवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल पारित करने के लिए ऊपरी सदन में पेश किया था। विधेयक में मुस्लिम समुदाय में तत्काल तलाक देने के मामले में पुरुषों के लिए सजा का प्रावधान रखा गया है।

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