नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कश्मीर के पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ राशिद इंजीनियर को गिरफ्तार किया है,टेरर फंडिंग के आरोप में इसकी गिरफ्तारी की गई है,कल NIA पटियाला कोर्ट के सामने पेश करेगी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कोशिश रहेगी कि राशिद इंजीनियर की कस्टडी बढ़े. इससे पहले NIA ने टेरर फंडिंग के एक मामले में रविवार को राशिद इंजीनियर से दिल्ली में पूछताछ की थी।
राशिद इंजीनियर, NIA के निशाने पर पिछले कुछ सालों से हैं. सितंबर, 2017 में जांच एजेंसी NIA ने पहली बार उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा था. राशिद जम्मू-कश्मीर के लंगेट विधानसभा से विधायक थे . उस वक्त राशिद ने NIA की इस कार्रवाई और जांच को ‘राजनीति’ से प्रेरित बताया था।

राशिद पर उनके जहूर वताली नाम के एक बिजनेसमैन से संबंधों का आरोप है. आरोपों के मुताबिक जहूर वताली का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके सरगना हाफिज सईद है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एनआईए (NIA) दोनों एजेंसियां वताली से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं. हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वताली की 1.73 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी कुर्क की. यह कुर्की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. NIA ने टेरर फंडिंग मामले में बताली की गिरफ्तारी हुई है।
FIR में बताया गया है कि पैसों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करवाने, स्कूलों में आगजनी करवाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और भारत के खिलाफ युद्ध को उकसाने में किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
इनके खिलाफ हवाला और अन्य गैरकानूनी तरीकों से पैसे जुटाने और जम्मू-कश्मीर में आतंकी-अलगाववादी गतिविधियों में खर्च करने के आरोप हैं. NIA दर्ज की गई FIR में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का नाम भी आरोपी के तौर पर साबित किया गया है।
हाफिज सईद के अलावा हुर्रियत के दोनों विंग (सैय्यद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुक), हिज्बुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी संगठनों को भी आरोपी बनाया गया है।