जान पर खेलकर प्रेमकांत ने मुस्लिम परिवार को बचाया, पत्रकार बोले- ऐसे लोग ही इस देश की शान हैं

दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट इलाके में एक ओर जहाँ सांप्रदायिक दंगे में 40 से ज्यादा लोगों की दंगाइयों ने जान ले ली। वहीं उस इलाके से हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की एक अच्छी खबर सामने आ रही है। जहां प्रेमकांत बघेल ने अपने मुस्लिम दोस्त के परिवार को जलते हुए घर से बाहर निकाला लेकिन खुद जलती आग में बुरी तरह जल चुके हैं।

दिल्ली में हुए हिंसा के दौरान हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा को देखते हुए एनडीटीवी के पत्रकार उमाशंकर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ”देखिए दंगाईयों ने हिन्दुस्तान के चेहरे को कैसे झुलसा दिया है। पूरे शरीर को जला दिया है। पर हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद था, ज़िंदाबाद है और ज़िंदाबाद रहेगा। प्रेमकांत जी जैसे लोगों की वजह से ये देश दुनिया में सिर उठा के जिएगा।प्रेमकांत जी की ऐसी हालत करने वालों का ईश्वर नाश करेंगे।”

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दिल्ली के नार्थ ईस्ट इलाके में पिछले चार दिनों में वहां के लोगों ने जो हिंसा का मंजर देखा है वह बहुत डरावना है। जहां लोगों को धर्म के आधार पर उसकी हत्या कर दी जा रही थी।

बता दें की दिल्ली के नार्थ ईस्ट इलाके में दंगाई लोगों के घर जला रहे थे। उसी वक़्त शिव विहार के प्रेमकांत बघेल ने अपने मुस्लिम दोस्त का जलता हुआ घर देख उनके परिवार को बचाने उस आग में कूद पड़े।

प्रेमकांत ने अस्पताल में अपने जले हुए शरीर का इलाज़ कराते वक़्त मीडिया को बताया है की शिव विहार में हिंदू-मुस्लिम एक साथ बहुत भाईचारे के साथ रहते आये हैं। लेकिन दंगे के बाद स्थिति बहुत खराब हो गई है। पेट्रोल बम से लोगों के घर जलाए जा रहे थे। इसी बीच उनके एक मुस्लिम पड़ोसी के घर में दंगाइयों ने आग लगा दी।

प्रेमकांत ने जब यह खबर सुनी तो वह घर में फंसे हुए लोगों को निकालने पहुंच गए। वह परिवार के छह लोगों को निकाल चुके थे। लेकिन उनके दोस्त की बुजुर्ग मां अभी भी घर में फंसी थीं। जिनको बचाने के दौरान आग में झुलस गए। प्रेमकांत का कहना है की भले वह जल गए, लेकिन उन्होंने अपने दोस्त की मां को बचाने में सफल रहे, इसकी उन्हें खुशी है।

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