जयपुर के होटल ने मुस्लिम युवक और हिन्दू युवती को कमरा देने से किया इंकार, कहा ये है वजह !

जयपुर के होटल ने मुस्लिम युवक और हिन्दू युवती को कमरा देने से किया इंकार, कहा ये है वजह !

जयपुर के एक  होटल पर  मुस्लिम युवक और हिंदू युवती को एक साथ चेक-इन करने पर कमरा नहीं देने का आरोप लगा है।  इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक होटल ने अलग-अलग धर्म होने की वजह से उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया। इसके लिए होटल मैनेजमेंट ने पॉलिसी व पुलिस का आदेश होने का हवाला दिया। यह घटना शनिवार (5 अक्टूबर) सुबह उस वक्त हुई, जब उदयपुर निवासी 31 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर ने ओयो के जयपुर स्थित सिल्वरकी होटल में चेक-इन करने की कोशिश की।

पीड़ित ने दी यह जानकारी: असिस्टेंट प्रोफेसर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘‘मैंने एक ट्रैवल ऐप के माध्यम से 2 लोगों के लिए एक कमरा बुक किया था। मैं शनिवार सुबह जयपुर पहुंच गया, जबकि मेरी दोस्त को कुछ देर बाद आना था। मैं करीब 8-9 बजे होटल पहुंच गया था।’’

होटल रिसेप्शनिस्ट ने दिया यह जवाब: पीड़िता असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया, ‘‘रिसेप्शनिस्ट ने मेरी फ्रेंड की डिटेल मांगी। मैंने अपनी दोस्त का नाम बताया तो उसने समस्या होने की बात कही। रिसेप्शनिस्ट ने कहा कि आप दोनों अलग-अलग धर्म से हो। ऐसे में हम आपको चेक-इन नहीं करने दे सकते।’’

होटल स्टाफ ने पुलिस के निर्देशों का दिया हवाला: असिस्टेंट प्रोफेसर ने होटल स्टाफ को इस तरह का कोई भी नियम नहीं होने और ऐसा कहीं भी नहीं सुनने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि न तो ऐप पर और न ही होटल की वेबसाइट पर इसका जिक्र है। यहां तक कि यह संविधान के भी खिलाफ है, जो समानता का अधिकार देता है। ऐसे में होटल स्टाफ ने कहा कि वह सिर्फ स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करते हैं। मैंने उन्हें यह बात लिखित में देने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया।

 

ट्रैवल ऐप ने लौटा दी रकम: असिस्टेंट प्रोफेसर के मुताबिक, ‘‘मैंने इस तरह के नियम या कानून नहीं होने का हवाला दिया, जो अलग-अलग धर्म व जेंडर के लोगों को साथ रुकने से रोकता है, लेकिन उन्होंने मानने से इनकार कर दिया। मैंने यह मुद्दा ट्रैवल ऐप पर उठाया तो उन्होंने बुकिंग अमाउंट रिफंड कर दिया। साथ ही, उतनी ही रकम का मुआवजा देते हुए दूसरे होटल में मुफ्त में कमरा भी बुक करा दिया।’’

हिंदू-मुस्लिम की वजह से नहीं दिया कमरा: इस घटना को लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर की दोस्त ने भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम 21वीं सदी में रह रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता कि लोग धर्म के आधार पर बांटने पर विश्वास क्यों करते हैं? अगर हम हिंदू और सिख होते तो शायद हमें कमरा मिल जाता, लेकिन यहां मुद्दा यह है कि हम हिंदू और मुस्लिम हैं। हम करीब 10 साल से एक-दूसरे को जानते हैं, लेकिन धर्म हमारे बीच में कभी नहीं आया।’’

होटल मैनेजर ने कही यह बात: जयपुर होटल के मैनेजर गोवर्धन सिंह ने बताया, ‘‘हम अलग-अलग धर्म के लोगों को साथ रुकने की मंजूरी नहीं देते हैं। यह होटल की पॉलिसी में भी है और स्थानीय पुलिस के भी निर्देश हैं।’’ मैनेजर ने दावा किया कि वरिष्ठ अधिकारियों व पुलिस की ओर से लिखित और मौखिक रूप से ये निर्देश मिले हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस तरह के लिखित निर्देश वह नहीं दिखा पाया। मैनेजर ने दावा किया कि रिसेप्शनिस्ट ने कस्टमर को सभ्य तरीके से यह बात समझा दी थी।

साभार- जनसत्ता

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