छत्तीसगढ़ में बिजली को लेकर ख़बर चलाने वाला पत्रकार गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में बिजली को लेकर ख़बर चलाने वाला पत्रकार गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले में बिजली आपूर्ति को लेकर वेबपोर्टल पर समाचार देने पर राज्य विद्युत कम्पनी की शिकायत पर पुलिस ने एक पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पत्रकार का वीडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने पर यह कार्रवाई हुई। हालांकि, यह मामला तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल राजद्रोह का केस वापस लेने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोगों का अधिकार है और हम इसके प्रबल पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य (राजद्रोह के केस दर्ज करना) पिछली भाजपा सरकार की परंपरा रही है।  हालांकि, बघेल ने लोगों से भी अपील की कि वे अभिव्यक्ति के दौरान संयम बरतें। उन्होंने राजद्रोह के मामले को तत्काल वापस लेने तथा भविष्य में इस तरह की घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

इससे पहले, राजनांदगांव जिले के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि राज्य सरकार पर इन्वर्टर कंपनियों से साठगांठ का मिथ्या आरोप लगाने के आरोप में पुलिस ने जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुसरा गांव के निवासी मांगेलाल अग्रवाल (53) को गिरफ्तार किया है।

समाचा एजेंसी भाषा के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ पावर कंपनी ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले की छानबीन की और बाद में अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि अग्रवाल को राजद्रोह की धारा 124 (क) और धारा 505 (1)(2) के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ पावर कंपनी के अध्यक्ष शैलैंद्र शुक्ला ने लोगों से अपील की कि वह भ्रामक खबरों से दूर रहें।

पावर कंपनी ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उत्पादन, पारेषण और वितरण कंपनी के विद्युत कर्मियों की टीम बिजली की सतत आपूर्ति करने में जुटी हुई है। बिजली कटौती संबंधी किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों से दूर रहते हुए सेवाभावी संस्थान पावर कंपनी को सहयोग प्रदान करें। बिजली कर्मी जोखिम उठाते हुये सतत बिजली आपूर्ति करने के लिए संकल्पित हैं। इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इसे बौखलाहट में की गई कार्रवाई करार दिया।

राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि जिस राजद्रोह की धारा को हटाने की मुहिम कांग्रेस ने छेड़ रखी थी उसका ही उपयोग आम जनता को डराने के लिए किया जा रहा है।  पांडेय ने कहा कि राज्य में लगातार बिजली कटौती हो रही है। यह सरकार की असफलता है। और जब इसका विरोध हो रहा है तब बौखलाहट में ऐसी कार्रवाई की रही है। इस बीच, राजनांदगांव जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अग्रवाल पर राजद्रोह का आरोप साबित नहीं हुआ। लिहाजा, धारा 124 (क) को वापस ले लिया गया। हालांकि, धारा 505 (1) (2) के तहत आरोपी को एक स्थानीय अदालत ने पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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