क्या रामपुर से आज़म खान को हराना बीजेपी के लिए नामुमकिन सा हो गया है?

क्या रामपुर से आज़म खान को हराना बीजेपी के लिए नामुमकिन सा हो गया है?

यूपी के रामपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। इस सीट पर पिछले कई दशक से लगातार समाजवादी पार्टी का कब्ज़ा रहा है और पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान का चेहरा आगे करके सपा यहां जीतती आई है।

आज़म खान की पत्नी ने बीजेपी उम्मीदवार को हराया
ज़ी न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, इस बार रामपुर से आज़म खान की पत्नी तंज़ीन फ़ातिमा चुनावी मैदान में थी, जिन्होंने बीजेपी के भारत भूषण को 7578 वोटों से हराया। तंज़ीन फ़ातिमा को 78821 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार भारत भूषण को मिले 71243 वोट मिले।

हालांकि, हार का फासला बहुत बड़ा नहीं रहा, क्योंकि 2017 में इसी सीट पर आज़म खान से 50 हज़ार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।

जीत हार का फासला बहुत बड़ा नहीं रहा, क्योंकि 2017 में इसी सीट पर आज़म खान से 50 हज़ार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।

आज़म खान लोकसभा के सांसद हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म विधायक हैं। आज़म खान की पत्नी राज्यसभा की सांसद हैं और अब विधायक चुनी गई हैं।

रामपुर से आज़म खान 9 बार रह चुके हैं विधायक
तंज़ीन फ़ातिमा आने वाले समय मे राज्यसभा से इस्तीफा देंगी। रामपुर सीट से आज़म खान नौ बार विधायक चुने गए हैं और अब उनकी पत्नी विधायक बनी हैं। रामपुर सीट पर सबकी नजर बनी हुई थी, क्योंकि कई लोग यहां उलटफेर की उम्मीद लगाए हुए थे।

करीब 80 ज्यादा मुकदमे दर्ज
आज़म खान पर पिछले कुछ महीनों में लगातार मुकदमे दर्ज हुए है और वर्तमान में 80 से ज्यादा मुक़दमें उनके ख़िलाफ़ दर्ज हैं। आज़म खान रामपुर प्रशासन पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं।

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