
जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया गया है। अनुच्छेद 370 के एक खंंड को छोड़कर सभी खत्म कर दिया गया है। इसके बाद से वहां तनाव का माहौल है। कश्मीर में इसका विरोध हो रहा है। वहीं राष्ट्रीय स्वंसेवक (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा है कि अब कश्मीरी मुसलमानों को भारतीयता सिखाने की जरूरत है।
उन्होंने यह बात एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत के दौरान कहा है। गौरतलब है कि इंद्रेश कुमार राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक भी है।
अंग्रेजी अखबार ईटी से इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘एक खास तरह का इस्लाम धर्म है जो रमजान और ईद तक का सम्मान नहीं करता है। यह सिर्फ हिंसा फैलाता है। पुलवामा हमले ने इसे साफ कर दिया है।
नवजीवन पर छपी खबर के अनुसार, कश्मीरी मुस्लिमों को इस तरह के इस्लाम धर्म से दूर रहना चाहिए। देशभर के अन्य जगहों के मुसलमानों ने एक राष्ट्र, एक झंडा, एक संविधान और एक नागरिकता के सिद्धांत को स्वीकार किया है। और… अब यही तरीका है जिससे घाटी का विकास हो सकता है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘लद्दाख और कश्मीर घाटी के एक चौथाई लोग अनुच्छेद 370 के समाप्त होने से खुश हैं। कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर की लगभग दो-तिहाई आबादी इस अनुच्छेद के हटने से खुश है।’
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने कहा कि, ‘कश्मीर घाटी भारत का अभिन्न अंग रही है और घाटी के लोगों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रवाद और राष्ट्रहित की अवधारणा से जोड़ने की दिशा में काम करना होगा।’ उन्होंने कहा कि कश्मीरी मुस्लिमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शांति और विकास चाहता है। यह वर्ग जानता है कि भारत ही उन्हें यह सब दे सकता है।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source