संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब दिल्ली में हिंसा हुई है। हालांकि, दिल्ली में स्थिति तो सामान्य होने लगी है, लेकिन संसद सत्र को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। विपक्षी दलों कजुट होकर दिल्ली हिंसा और अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है। कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और सीपीएम समेत कई विपक्षी दलों ने लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर स्थगन प्रस्तव नोटिस दिया है। वहीं सत्ताधारी बीजेपी की तरफ से विपक्ष को जवाब देने की तैयारी कर ली गई है। विपक्ष की तरफ से साफ संकेत दिया गया है कि सत्र के दौरान गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की जाएगी।
Congress party has given Adjournment Motion Notice in Lok Sabha, over the issue of violence in Delhi. pic.twitter.com/kGJsi2zQM7
— ANI (@ANI) March 2, 2020
खुद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी। ऐसे में सत्र की शुरुआत में यही मुद्दा छाए रहने की संभावना है। हालांकि अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस को किन-किन दलों का साथ मिलेगा यह अभी साफ नहीं हो पाया है। विपक्ष मोदी सरकार से नागरिकता कानून और एनपीआर में बदलाव करने की मांग करेगी। हालांकि सरकार के रुख से साफ है कि विपक्ष के आक्रमण के सामने वह झुकने वाली नहीं है।
आरजेडी के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने साफ-साफ कहा कि ऐसी घटनाओं पर संसद मूकदर्शक बनी नहीं रह सकती है। हम मिलजुलकर अपनी आवाज उठाएंगे। इस मसले पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पहले ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन देकर अपना विरोध जता चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, सरकार भी विपक्ष के आक्रमण का जवाब देने की रणनीति तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री पहले ही नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं।