
अमेरिकी बेस पर हमला करने के बाद बुधवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने देश को संबोधित किया और हमले को सफल बताया. उन्होंने मिसाइल हमले को सफल बताते हुए कहा कि अमेरिका की दादागीरी के खिलाफ हमने हमेशा संघर्ष किया है.
खुमैनी ने कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर हमला सफल रहा. जनरल सुलेमानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अन्य देशों के साथ मिलकर अमेरिका की गलत योजनाओं को वे असफल कर रहे थे. सुलेमानी महान योद्धा और मेरे लिए अच्छे भाई की तरह थे. वह एक बहादुर शख्स थे.
आगे खुमैनी ने कहा कुछ लोग ऐसा जताना चाहते थे कि ईरान में आंदोलन खत्म हो चुका है, लेकिन मैं यह बताना चाहता हूं कि रिवॉलूशन अभी जिंदा है. अमेरिका ने सुलेमानी को आतंकी घोषित करने का प्रयास किया. यह अन्यायपूर्ण है, अमेरिकी झूठे हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खुमैनी के संबोधन के दौरान ‘डेथ फॉर अमेरिका और डेथ फॉर इजरायल’ जैसे नारे गूंज रहे थे.
अयातुल्लाह खुमैनी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा हमला सफल रहा और पिछली रात हमने अमेरिका के घमंड पर तमाचा जड़ने का काम किया. उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को शहादत बताया और कहा कि ईरान कभी उनके योगदान को नहीं भूल सकता है.
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