
दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध को पूरे 30 दिन हो गए हैं। पिछले 30 दिनों से सैकड़ों लोग सड़क पर डेरा जमाए हुए हैं।
आज इन पर छपी खबर के अनुसार, इन लोगों की मांग है कि सरकार नागरिकता कानून पर अपना फैसला बदले। इस कानून के खिलाफ आज दिल्ली में सड़क पर वकील उतरेंगे और सुप्रीम कोर्ट से लेकर जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे।
दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में सीएए के खिलाफ हर रोज आवाज बुलंद होती है। दिल्ली की सर्दी में सड़क पर प्रदर्शनकारियों ने 30 रातें गुजार दीं।
विरोध-प्रदर्शन का एक महीना पूरा हो गया, लेकिन ना जोश ठंडा पड़ा है और ना ही इरादा बदला है। शाहीन बाग पिछले एक महीने से विरोध का प्रतीक बन गया है।
सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस विरोध का झंडा उठाए हुए हैं।
नागरिकता कानून के खिलाफ भीड़ डटी है। छात्र-नौजवान नारे लगाते हैं। गीत गाते हैं। पोस्टर लहराते हैं। पैंफलेट बांटते हैं और कहते हैं सरकार नागरिकता कानून वापस ले।
लोगों का दावा है कि इस प्रदर्शन के लिए कोई मैनेजमेंट कमेटी नहीं है। कोई पॉलिटिकल पार्टी इससे नहीं जुड़ी हैै। कोई एनजीओ काम नहीं कर रहा। आंदोलन के लिए कोई फंड भी नहीं है।
इलाके की महिलाएं ही इस प्रदर्शन की नुमाइंदगी कर रही हैं। इलाके की महिलाओं का जत्था कुछ-कुछ देर के लिए आता है और धरना देता है. हर किसी के आने का वक्त तय है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं की मांग है कि जेल में कैद किए गए लोगों को छोड़ा जाए औप बेगुनाहों को पुलिस ना फंसाए।
हालांकि लंबे वक्त से चल रहे प्रदर्शन के चलते स्थानीय लोग और व्यापारियों को भारी परेशानी भी हो रही है। रास्ता बंद होने से लोगों में नाराजगी भी है।
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