
महाराष्ट्र में तमाम सियासी उठापटक के बीच बीते महीने 30 नवंबर को शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महाविकास आघाड़ी की सरकार बन गई। इसके साथ ही भाजपा-राकांपा गठबंधन को लेकर चल रहे कयास भी खत्म हो गए। इसी बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने एक और बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने मंगलवार को कहा कि फडणवीस और अजित पवार के बीच चल रही बातचीत को उन्हें पता था। इसलिए उन्होंने अजित पवार के 23 नवंबर को भाजपा में शामिल होने के राजनीतिक कदम से खुद को दूर कर लिया था। इससे पहले सोमवार को शरद ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन यह उन्होंने ठुकरा दिया था।
फडणवीस और अजित पवार ने 23 नवंबर की सुबह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, हालांकि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने अपने गठबंधन को लगभग अंतिम रूप दे दिया था और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। हालांकि, अजित ने 26 नवंबर को इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद फडणवीस को भी इस्तीफा देना पड़ा और सरकार केवल 80 घंटों में खत्म हो गई।
वहीं अजित पवार को मंत्रिमंडल में शामिल करने के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि, राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के समापन के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार में अजित पवार को शामिल करने के लिए राकांपा फैसला करेगी।
Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source