

वहीँ कबीर के मोहल्ला के कई निवासियों ने कहा कि कबीर पर हमला करने वाले गुंडों का एक समूह स्कूल के छात्रों को ‘जय श्रीराम’ का जाप करने के लिए मजबूर किया करता था। ‘
कबीर के परिवार को कानूनी रूप से सहायता दे रहे सैयद मुहम्मद ने बताया की “मई से बर्दवान जिले में मुस्लिम फेरीवालों पर हमले की 14 से अधिक घटनाएं हुई थीं। लेकिन कबीर द्वारा आत्मरक्षा में अपने हमलावर को मारने के बाद मुसलमानों पर कोई हमला नहीं किया गया है।

गौरतलब है की कि स्कूल के प्रमाणपत्र के अनुसार कबीर नाबालिग है और उसका मामला किशोर न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, जो कि निकटवर्ती जिला बर्दवान में है और कबीर का मामला वहां लिया जाना चाहिए, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यह पश्चिम बर्धमान (आसनसोल) अदालत में चल रहा है।

वहीँ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडियाकी एक टीम ने अपने उपाध्यक्ष एडवोकेट शरफुद्दीन अहमद और एस.एम. अनवर हुसैन ने आसनसोल का दौरा किया और कबीर की मां सोनी खातून को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है।

शर्फुद्दीन अहमद ने किशोर अदालत में कबीर के मामले को उठाने का अनुरोध किया और वादा किया कि एसडीपीआई इस मामले का सारा खर्च उठाएगी। अधिवक्ता शरफुद्दीन अहमद ने कहा की हम पहले ही इस मामले को उठा चुके हैं और एस.डी.पी.आई. कबीर के मामले का सारा खर्च उठाएगी

परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने बताया की किसी भी मुस्लिम संगठन से अभी तक कोई नैतिक समर्थन नही मिला है

साभार- http://muslimmirror.com
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