
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार की सुबह प्रदूषण की वजह से धुंध छा गई और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंच गई। सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखा छोड़ने के लिए दो घंटे की सीमा तय की थी, लेकिन लोगों ने इसके अलावा भी पटाखे छोड़े।
दिल्ली की हवा में पटाखों की तेज आवाज के साथ ही जहरीला धुंआ और राख भर गया और कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ स्तर को पार गया। लोगों ने मालवीय नगर, लाजपत नगर, कैलाश हिल्स, बुराड़ी, जंगपुरा, शाहदरा, लक्ष्मी नगर, मयूर विहार, सरिता विहार, हरी नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, द्वारका सहित कई इलाकों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखा छोड़ने के लिए तय दो घंटे की समयसीमा का उल्लंघन करके पटाखे छोड़े।
देर रात के वक्त आईटीओ इलाके में पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर 900 तक पहुंचा, वहीं सुबह के वक्त यह आंकड़ा 255 स्तर पर भी पहुंचा. 255 भी प्रदूषण के लिहाज से खतरनाक स्थिति है।
आज सुबह 7 बजे का स्तर
आनंद विहार 358 बेहद खराब
आईटीओ 347 बेहद खराब
जहांगीरपुरी 360 बेहद खराब
द्वारका 350 बेहद खराब
नॉर्थ कैंपस 328 बेहद खराब
लोढ़ी रोड 348 बेहद खराब
वहीं, लोदी रोड इलाके में रात के वक्त प्रदूषण का स्तर 250 से 280 स्तर पर था। सुबह होते ही यह स्तर 500 तक पहुंच गया। दिल्ली में पिछली रात ओवरऑल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 306 था जो बेहद खराब कैटेगरी में आता है।
दिल्ली की तुलना में मुंबई में दिवाली के बाद अगले दिन हवा का स्तर अच्छा रहा। मुंबई में हाजी अली क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर 50 से कम है जिसका अर्थ है कि वहां हवा का स्तर ‘अच्छा’ है।
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