
समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान और उनके विधायक बेटे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को पुलिस ने धार 151 के तहत हिरासत में लिया गया था.
वहीं अब उन्हें जमानत मिल गई है. आजम के बेटे को तलाशी में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. मंगलवार को एसपी डॉ. अजय पाल ने कहा था कि मदरसा आलिया से चोरी हुईं काफी किताबें यहां से बरामद की गई हैं. उन्होंने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में रखे गए रजिस्टर और रिकॉर्ड में कहीं भी इन किताबों का ब्योरा नहीं मिल रहा है.
एसपी ने कहा था कि पुलिस ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया तो अब्दुल्ला ने रुकावट पैदा करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया. जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस के सर्च अभियान में ढाई हजार किताबें बरामद हो चुकी हैं और 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है.
जब पुलिस ने बुधवार को भी सर्च ऑपरेशन चलाया तो विधायक अब्दुल्ला भी पहुंच गए. वह इस यूनिवर्सिटी के सीईओ भी हैं. पुलिस से इस दौरान उनकी बहस भी हुई और उनके समर्थक बवाल मचाने लगे. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. अब्दुल्ला के खिलाफ पहले से ही काफी मुकदमे दर्ज हैं.
मंगलवार को अब्दुल्ला के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में फर्जी अभिलेखों के जरिए पासपोर्ट बनवाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था. बुधवार को हंगामे के बीच यूनिवर्सिटी के गेट पर कई समाजवादी पार्टी के नेता जमा हो गए.
इनमें जौनपुर के पूर्व एमएलए और एक महात्मा भी थे. गलत जानकारी के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में अब्दुल्ला के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था. भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने यह केस दर्ज कराया.
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