
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अमरोहा के दिदौली थाने की पुलिस और ससुराल के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हसीन जहां ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल कर कहा है कि पुलिस ने उनको अवैध तरीके से हिरासत मेें लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय सिंह से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय सिंह से 18 जुलाई तक याची के आरोपों की बाबत जानकारी देने को कहा है।
हसीन जहां का कहना है कि 28 अप्रैल 19 को वह अपनी बेटी और मेड के साथ अमरोहा आयी थी। वह अपने कमरे में आराम कर रही थी। उसके पति मो. शमी के निर्देश और पति के भाई के कहने पर शाम को साढ़े आठ बजे एसएचओ दिदौली देवेंद्र कुमार अन्य पुलिस कर्मियों के साथ उसके घर पर आए और बात कर चले गए। इसके बाद रात 12 बजे दुबारा पुलिस घर पर आई। उसका दरवाजा जोर-जोर से पीटा गया। दरवाजा खोलने पर पुलिस कमरे में घुस आई और गाली गलौज करने लगी। उसे और बेटी तथा मेड को आधी रात जबरन थाने ले गए। रात में ही उसका मेडिकल कराया गया। याची को रात भर थाने में बैठाए रखा।
पुलिस ने दूसरे दिन 29 अप्रैल को 9 बजकर 5 मिनट पर चालान काटा और उसे गिरफ्तार कर लिया। याचिका में कहा गया है कि पुलिस की कार्यवाही डीके वसु केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी को लेकर दिए गए निर्देशों का उल्लंघन है। याची को अपने वकील से संपर्क नहीं करने दिया गया और न ही उसकी गिरफ्तारी की सूचना परिवार वालों को दी गई। याचिका में देवेंद्र कुमार एसएचओ, केपी सिंह, मुनीर जन जैदी, अमरीश कुमार, संजीव बालियान पुलिस उपनिरीक्षक को पक्षकार बनाया गया है।
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