
स्टाकहोम : अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन गुडइनफ, ब्रिटेन के वैज्ञानिक स्टेनली व्हिटिंघम तथा जापान की अकीरा योशिनो को लीथियम आयन बैटरी बनाने के लिए बुधवार को रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया गया। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस ने विजेताओं की घोषणा की।
निर्णायक मंडल ने कहा, ‘इन हल्की, पुन: रिचार्ज हो सकने वाली और शक्तिशाली बैटरियों का इस्तेमाल अब मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों आदि सभी में होता है। इनमें सौर और पवन ऊर्जा की अच्छी खासी मात्रा संग्रहीत की जा सकती है जिससे पेट्रोल-डीजल जैसे जीवश्म ईंधन से मुक्त समाज की ओर बढ़ना संभव होगा।’
जापानी वैज्ञानिक अकीरा योशिनो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिज्ञासा ही उनके लिए मुख्य प्रेरणास्रोत बनी. निर्णायक मंडल ने कहा, ‘‘इन हल्की, पुन: रिचार्ज हो सकने वाली और शक्तिशाली बैटरियों का इस्तेमाल अब मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों आदि सभी में होता है. इनमें सौर और पवन ऊर्जा की अच्छी खासी मात्रा संग्रहित की जा सकती है जिससे पेट्रोल-डीजल जैसे जीवश्म ईंधन से मुक्त समाज की ओर बढ़ना संभव होगा.’
कल यानी 10 अक्तूबर को साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2018 और 2019 के लिए पुरस्कारों की घोषणा की जायेगी.
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