नई दिल्ली: भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर को कोर्ट से मिली सशर्त ज़मानत के बाद तिहाड़ से रिहा होने के बाद अब उनका रुख उत्तर प्रदेश की तरफ को हो गया है,20 दिसम्बर को मेरठ और मुज़फ्फरनगर में नागरिकता कानून विरोध प्रदर्शन में मरने वालों के परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुँचे थे।
मुज़फ्फरनगर पहुंचने पर जगह जगह चंद्रशेखर आज़ाद का फूल मालाओं से स्वागत हुआ,ग्राम सुजड़ू में एक सभा को सम्बोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा, ‘ हमारे लोगो की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। हिटलरशाही नहीं चलने दी जाएगी। हाई कोर्ट में 23 जनवरी को इस मामले में बहस है, लोगों की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेशभर में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों से साफ है कि सरकार की मंशा गलत थी। सरकार देश की गंगा-जमुनी तहजीब को खत्म करना चाहती है।

20 दिसम्बर को गोली लगने से मरे नूर मोहम्मद के परिजनों से मिलने उनके घर पहुँचे चंद्रशेखर ने मृतक के भाई को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनका एक भाई भले ही दुनिया से चला गया हो लेकिन उनका दूसरा भाई उनके पास है जिस समय भी उसकी तुम्हें ज़रूरत होगी एक आवाज़ पर आपके बीच खड़ा हुआ मिलेगा।
चन्द्रशेखर ने कहा कि मुझे जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ने पर जेल में बंद कर दिया गया था मुझे आप भाईयों की दुआओ और मुस्लिम बहनों की दुआओ से रिहाई मिली है,मैंनें अपने लोगों के साथ नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाई थी इसलिए मुझे जेल में ड़ाल दिया गया लेकिन इससे हमारी आवाज़ नही दबाई जासकती है दुगनी शक्ति के साथ और हौसले के साथ लड़ाई लड़ी जाएगी।
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