फलस्तीनी संगठन जेहाद- ए- इस्लामी ने इज़राइल पर ताबड़तोड़ किए मिसालों से हमला!

फलस्तीनी संगठन जेहाद- ए- इस्लामी ने इज़राइल पर ताबड़तोड़ किए मिसालों से हमला!

फ़िलिस्तीनी संगठन जेहादे इस्लामी की ओर से इस्राईल पर मिसाइलों की बरसात ने ज़ायोनी बस्तियों के निवासियों ही नहीं बल्कि जनरलों और विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया है।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, इस्राईल के हेब्रू भाषा के चैनल 13 ने जानकार सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस्राईल पर हो रही मिसाइलों की बारिश में हमास संगठन शामिल नहीं है अर्थात अकेले जेहादे इस्लामी ही इस्राईल के अलग अलग इलाक़ों में जनजीवन ठप्प कर देने में सफल हो गया है।

तेल अबीब तथा दक्षिणी इलाक़े पूरी तरह असुरक्षित हो चुके हैं। 10 लाख ज़ायोनी छात्र और विद्यार्थी लगातार दूसरे दिन भी स्कूल कालेज नहीं जा सके।

फ़िलिस्तीनी मामलों के विशेषज्ञ सेफ़ी यहज़कीईली ने बताया कि जेहादे इस्लामी संगठन की मिसाइल ताक़त देखकर इस्राईली जनरलों को अचंभा हुआ है क्योंकि उन्हें यह आशा नहीं थी कि जेहादे इस्लामी के पास इतनी बड़ी संख्या में मिसाइल मौजूद हैं।

रिपोर्ट लिखे जाने तक जेहादे इस्लामी ने इस्राईली इलाक़ों पर 200 से अधिक मिसाइल फ़ायर किए थे। यानी इतने समय में तो हमास ने भी उस वक्त़ इतने मिसाइल फ़ायर नहीं किए थे जब इस्राईल ने हमास के कमांडर शहीद अहमद अलजअबरी को शहीद किया था।

हमास के उस हमले से इस्राईल में हड़कंप मच गया था और इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने मिस्र से संपर्क करके अनुरोध किया था कि वह हमास के साथ संघर्ष विराम करवा दे क्योंकि इस्राईल युद्ध नहीं चाहता।

इस बार जेहादे इस्लामी ने मंगलवार की सुबह से अब तक ज़ायोनी बस्तियों पर 200 से अधिक मिसाइल और मार्टर गोले फ़ायर किए हैं।

सामरिक मामलों के विशेषज्ञ आलून बिन डेविड ने भी इस्राईल के चैनल 13 से बातचीत में कहा कि जेहादे इस्लामी के पास हैफ़ा तक पहुंचने वाले मिसाइल हैं अर्थात इनकी रेंज 120 किलोमीटर तक है मगर यह मिसाइल अभी उसने प्रयोग नहीं किए हैं।

इस्राईल के भीतर इस बात पर लोग प्रधानमंत्री नेतनयाहू को कोस रहे हैं कि वह चुनावी और राजनैतिक फ़ायदे के चक्कर में फ़िलिस्तीनी संगठनों से लड़ाई मोल ले रहे हैं और सारे इस्राईलियों को मुसीबत में डाल रहे हैं।

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