कश्मीर में महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन नजरबंद,इंटरनेट और फोन सेवाएँ करी बन्द,जानिए क्यों ?

नई दिल्ली: भारत के सबसे संवेदनशील राज्य जम्मू कश्मीर की घाटी में क्या चल रहा है इसका किसी को भी सही अंदाजा नही है,लेकिन सरकार की तैयारियों और कार्यवाही से अंदाजा लगाया जारहा है कि कुछ ना कुछ बड़ा होने वाला है।

घाटी में अचानक से हलचल बढ़ गई है और कई नेताओं को नजरबंद करने की खबर है। बताया जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन को नजरबंद कर दिया गया है और घाटी में धारा 144 लागू कर दी गई है। सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिये गए हैं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

घाटी में इंटरनेट, फोन, केबल नेटवर्क आदि सेवाएं बंद कर दी गई हैं। राज भवन में डीजीपी, राज्यपाल और मुख्य सचिव की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया है। इस बीच जम्मू की उपायुक्त सुषमा चौहान ने सभी स्कूल-कॉलेज और अकादमिक संस्थान बंद करने के आदेश जारी किये हैं।

जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस दौरान घाटी में किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा और रैली की इजाजत नहीं होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सरकार ने यह साफ किया है कि अभी कहीं कर्फ्यू नहीं लगाया गया है।

जम्मू-कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को एहतियातन बंद रखने की अडवाइजरी जारी की गई है। इसके अलावा श्रीनगर में सोमवार आधी रात से धारा 144 लागू कर दी गई है, जो अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस दौरान किसी भी तरह के जनांदोलन की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे।

जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, इस आदेश के जारी होने के बाद से किसी भी तरह की पब्लिक मीटिंग और रैलियां प्रतिबंधित रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घाटी में कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। बता दें कि मीडिया के एक हिस्से में घाटी के कुछ इलाकों में कर्फ्यू की खबर प्रसारित की गई थी, जिसका राज्य प्रशासन ने खंडन किया है। इसके अलावा जम्मू जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासनों से उन्हें सोमवार को ऐहतियातन बंद रखने के लिए कहा है।

जम्मू की उपायुक्त सुषमा चौहान ने रविवार रात कहा, ‘सभी निजी तथा सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को ऐतहियातन बंद रखने की सलाह दी गई है।’ अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है, जहां खतरे की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों की तैनाती कई गुणा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जम्मू क्षेत्र, विशेषकर सीमावर्ती राजौरी और पुंछ जिलों में रैपिड ऐक्शन फोर्स (आरएएफ) समेत अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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