नई दिल्ली:केरल में हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिली क्योंकि रविवार को एक हिन्दू अनाथ बच्ची की शादी के लिये मंडप बनी मस्जिद जहां मेजबानी भी मुसलमानों ने करी।
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने फेसबुक पोस्ट कर इस शादी की तारीफ की है। रविवार को जोहर (दोपहर की प्रार्थना) के कुछ मिनट बाद केरल के अलाप्पुझा जिले के चेरवल्ली में जुमा मस्जिद के प्रांगण को पारंपरिक हिंदू विवाह समारोह स्थल में बदल गया।

सात विक्स के साथ निलाविलक्कु (पारंपरिक लालटेन) को विवाह मंडप पर जलाया गया और शादी के मंत्र पढ़े गए। सारथ सशिधरन अंजू अशोकन के साथ मस्जिद कमेटी के नेताओं, मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं के समक्ष शादी के बंधन में बंधे। तमाम रीतिरिवाजों के बाद मस्जिद कमेटी ने मेहमानों के लिए खाने का इंतजाम किया। इसमें पार्टी लाइन से हटकर कई नेता भी शामिल हुए।

दो साल पहले अंजू के पिता अशोकन की मौत हो गई थी। इसकी बाद उसकी मां अपनी बेटी की शादी के लिए संशाधनों का इंतजाम करने के लिए संघर्ष कर रही थी। हाल के दिनों में उन्होंने स्थानीय मस्जिद से आर्थिक मदद की मांग की। तब मस्जिद कमेटी ने शादी का सारा खर्च वहन करने का निश्चय किया।
मस्जिद समिति के सदस्य पी नजीर ने 10 तोला सोने के गहने और दो लाख रुपये की व्यवस्था की। शादी समारोह के लिए कमेटी के सदस्य व्यवस्था करने के लिए आगे आए। मस्जिद के दरवाजों को पारंपरिक हिंदू शैली में सजाया गया था। मुस्लिम महिलाओं ने भी इस शादी में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

मस्जिद कमेटी के काम की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “केरल ने हमेशा धार्मिक सद्भाव के सुंदर मॉडल को आगे रखा है। चेरवल्ली की शादी ने धार्मिक सद्भाव का एक नया अध्याय लिखा है। जब लोगों को विभाजित करने के लिए प्रयास चल रहे हैं, तो उन्होंने हमें ऐसे धार्मिक बंधनों को तोड़ने के लिए प्रेरित किया है। हम ऊंची आवाज में कह सकते हैं कि हम एक हैं।” दुल्हन की मां मदद के लिए मस्जिद कमेटी को धन्यवाद दिया है।
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