ब्रिटेन में नई वीजा प्रणाली लॉन्च, भारत को मिल सकता है फायदा

ब्रिटेन में नई वीजा प्रणाली लॉन्च, भारत को मिल सकता है फायदा

ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल ने देश की नई अंक-आधारित वीजा प्रणाली के शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत समेत दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को मौका देगी और ब्रिटेन में आ रहे कम प्रतिभाशाली व अकुशल कामगारों की संख्या में कटौती करेगी।

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यह नई वीजा प्रणाली एक जनवरी 2021 से लागू होगी। इसी दिन ब्रिटेन के ईयू से अलग होने के बाद ट्रांजिशन अवधि समाप्त होनी है। प्रीति पटेल ने कहा कि इस नई वीजा प्रणाली का मकसद भारत समेत दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली और सबसे अच्छे लोगों को ब्रिटेन आने के लिए आकर्षित करना है।

नई पोस्ट ब्रेग्जिट प्रणाली, जो भारत जैसे यूरोपीय संघ (ईयू) और गैर-यूरोपीय संघ के देशों के लिए समान रूप से लागू होगी। यह प्रणाली विशिष्ट कौशल, योग्यता, वेतन और व्यवसायों के लिए अंक प्रदान करने पर आधारित है, जिसके तहत सिर्फ पर्याप्त अंक हासिल करने वालों को ही वीजा प्रदान किया जाएगा।

ब्रिटेन में भारतीय मूल की सबसे वरिष्ठ मंत्री प्रीति पटेल ने कहा, आज पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। हम मुक्त आंदोलन को खत्म कर रहे हैं, अपनी सीमाओं को वापस ले रहे हैं और ब्रिटेन की नई अंक-आधारित आव्रजन प्रणाली शुरू करके लोगों की प्राथमिकताओं तक पहुंच रहे हैं। यह समग्र प्रवासन संख्या को नीचे लाएगा।

वैज्ञानिकों, इंजीनियरों को सर्वोच्च प्राथमिकता

हम दुनिया भर के सबसे प्रतिभाशाली और सबसे अच्छे लोगों को आकर्षित करेंगे, अर्थव्यवस्था और हमारे समुदायों को बढ़ावा देंगे और इस देश की पूर्ण क्षमता को प्राप्त करेंगे। इस प्रणाली में सर्वोच्च कुशल और प्रतिभाशाली लोगों को वरीयता दी जाएगी। इन लोगों में वैज्ञानिक, इंजीनियर और अकादमी से जुड़े पेशेवर लोग शामिल होंगे।

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25,600 पाउंड होगी न्यूनतम वेतन सीमा

सरकार ने कहा है कि कुशल कामगारों को विशिष्ट कौशल और अंग्रेजी बोलने की क्षमता समेत कई प्रासंगिक मानदंडों को पूरा करने की जरूरत होगी। सभी आवेदकों को जॉब ऑफर की जरूरत होगी और प्रवासन सलाहकार समिति की सिफारिशों को अनुरूप न्यूनतम वेतन सीमा 25,600 पाउंड (23.80 लाख रुपये) होगी। यह टीयर-2 वर्क वीजा के लिए पुराने 30,000 पाउंड के स्तर से कम होगी।

ए-स्तरीय अथवा समकक्ष योग्यता जरूरी

ब्रिटेन में रहने और काम करने के इच्छुक लोगों को वर्तमान प्रणाली के तहत सिर्फ डिग्री-स्तर के बजाय ए-स्तर या समकक्ष तक योग्य होने की आवश्यकता होगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह अधिक लचीलापन प्रदान करेगी और सुनिश्चित करेगी कि ब्रिटेन के कारोबार में कुशल श्रमिकों की एक विस्तृत सामूहिक लाभ कोष तक पहुंच हो।

70 फीसदी ईयू कर्मचारी कम हो जाएंगे

ब्रिटिश गृह मंत्रालय के मुताबिक यह अनुमान है कि मौजूदा यूरोपीय संघ (ईयू) के 70 फीसदी कर्मचारी कुशल श्रमिक संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएंगे जिससे भविष्य में उनकी संख्या ब्रिटेन में कम हो जाएगी। अगले साल से ईयू के नागरिकों के लिए भी वीजा अंक-आधारित हो जाएगा और इसमें उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना पड़ेगा।

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