दिल्ली हिंसा: हिंदुत्ववादी गुंडों की भीड़ ने कहा- हम सभी ने मज़ार जलाई

दिल्ली हिंसा: हिंदुत्ववादी गुंडों की भीड़ ने कहा- हम सभी ने मज़ार जलाई

बीते रविवार से ही दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाके में नागिरकता संशोधन कानून को लेकर दो गुटों के बीच झड़प जारी है. रविवार को स्थिति काफी गंभीर हो गई और दोनों पक्षों के अपद्रवियों ने भीषण हिंसा की, कई दुकानों और गाड़ियों को आग लगाया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है.

♨️Join Our Whatsapp 🪀 Group For Latest News on WhatsApp 🪀 ➡️Click here to Join♨️

इसके चलते दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हैं. इस घटना को कवर करने गए कई पत्रकारों पर हमला करने और उन्हें डराने-धमकाने की भी खबरें आईं हैं.

हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से एक भजनपुरा में पहुंच कर जब द वायर ने स्थिति का जायजा लेना चाहा तो वहां मौजूद हिंदुत्ववादियों की भीड़ ने कैमरा चालू न करने की धमकी दी और कहा, ‘हम बात करेंगे लेकिन हमारा चेहरा कैमरे में नहीं आना चाहिए.’

यहां पर उपद्रवियों के एक समूह के साथ सवाल-जवाब पेश किया जा रहा है.

आप नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ क्यों हैं?

हमारा कोई विरोध नहीं है. ये जो लोग सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ हमारा विरोध है. इनकी औकात कैसे हो गई हमारे देश में ऐसे रोड पर बैठने की. ये आपका देश है, हमारा देश है. ये भी इस देश में रहते हैं.

कल एक खबर आई थी कि बाबरपुर में एक मजार जला दी गई है. किसने ये किया था?

یہ بھی پڑھیں:  शाहरुख खान को ऑस्ट्रेलिया में मिलेगा अब तक का सबसे बड़ा सम्मान !

हमें नहीं पता कि किसने जलाई है (उनमें से एक ने कहा). हो सकता है मुस्लिमों ने लगाई हो (दूसरे ने कहा). मैडम, हम उनका नाम भी बता सकते हैं जिसने ये किया है. हम उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं. ओके हम आपको नहीं बताएंगे. हमने उसे जलाया है. हम सभी ने उसे जलाया है. कैमरा नीचे रखिए. एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि हम सभी ने ये किया है.

तो आप सभी लोग सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए रोड बंद करने वालों के खिलाफ हैं?

सीएए और एनआरसी को जरूर लागू किया जाना चाहिए. अगर सरकार हमने हमारी नागरिकता मांगती है तो हम उन्हें दिखाएंगे (दस्तावेज). इनको जो डर लग रहा है, ये पागल, अनपढ़, गंवार हैं. सुनते ही नहीं हैं ये.

नागरिकता कानून में मुसलमानों का नाम नहीं है. इस पर आपका क्या कहना है?

ये तारों के नीचे से आए हैं. आप हिसाब लगाकर देख लो. जनगणना तो जानते होगे आप अच्छी तरीके से. हिसाब लगाओ, इतने तो ये होने ही नहीं चाहिए थे जितने ये रोड पर खड़े हैं. इनमें से आधे से ज्यादा तारों के नीचे से आए हैं. बजरंगी भीईजान तो देखी होगी ना. उसी तरह से ये लोग घुसे हैं.

बाहर देशों में हमारे हिंदू मां-बेटियों के साथ क्या सलूक हो रहा है ये तो मालूम ही होगा आपको. हम अपने देशवालों को रखेंगे ना, इन्हें क्यों रखें. देश के गद्दार हैं ये (एक दूसरे व्यक्ति ने कहा).

जय श्री राम (भीड़ ने कहा).

साभार- वायर हिंदी

This post appeared first on The Siasat.com

یہ بھی پڑھیں:  चीन मुसलमानों की चिंता करे पाकिस्‍तान : अमेरिका

WARAQU-E-TAZA ONLINE

I am Editor of Urdu Daily Waraqu-E-Taza Nanded Maharashtra Having Experience of more than 20 years in journalism and news reporting. You can contact me via e-mail waraquetazadaily@yahoo.co.in or use facebook button to follow me

جواب دیں

آپ کا ای میل ایڈریس شائع نہیں کیا جائے گا۔